शनिवार, 4 अक्तूबर 2008

‘हिमालय’

भारत की उत्तरी दिशा मे स्थित हिमालय पर्वत वर के समान हैं। दुनिया का सबसे ऊँचा पहाड़ ‘माऊँट एवरेस्ट’ इसी पर्वत श्रंखला मे स्थित है। 'हिमालय' संस्कृत का शब्द है; 'हिम' अर्थात बर्फ़ और 'आलय' अर्थात घर। उनकी ऊँचाई के कारण, वे साल भर बर्फ़ से लदे रहते हैं।
हिमालय श्रंखला तीन तर्कों मे बटी हुई हैं; हिमाद्री, हिमाचल और शिवालिक। उनमे स्थित शहर एवं घाटियाँ अति खूबसूरत हैं। शिमला, देहरादून, मसूरी इत्यादि पहाड़ी शहर दुनिया भर मे मशहूर हैं। जगह-जगह से पर्यटक इन शहरों के वातावरण को महसूस करने आते हैं।
सदियों से ये पर्वत भारत के रक्षक रहे हैं। इनके कारण चीन के राजा-महाराजा ने कभी भी भारत पर आक्रमण करने का प्रयत्न नही किया।
हिमालय पर्वत भारत को उत्तरी चीन की ठंडी हवाओं से भी बचाते हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश, बिहार आदि प्रदेशों मे खेती के लिए उचित तापमान बना रहता है। उनही के कारण, वर्षा ॠतु के समय, बादल भारत की सीमा को पार नही कर पाते, और वे हिमालय पर्वतों से टकराकर भारत के उत्तरी प्रदेशों मे खूब बरसते हैं। इसलिए सारे उपजाऊ खेत भारत के इसी खण्ड मे स्थित हैं।
बहुत सी नदियाँ भी हिमालय की बर्फ़ीली चोटियों मे पेदा होती हैं। इनमे से गंगा, यमुना, सतलुज और ब्रह्मपुत्र सबसे मशहूर नदियाँ हैं।
मेरी राय मे हिमालय पर्वत भारत की पहचान के अहम हिस्से हैं।

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