मंगलवार, 25 नवंबर 2008

संगीत

संगीत - दुनिया में शायद यह एक चीज़ है जो विचारों में इतना विभाजन लाता है| मनुष्य गाने क्यों सुनता है ? कुछ लोग कहेंगे कि वे अपने मन के सभी परेशानियों या तकलीफों को दूर करने के लिए ऐसे करते हैं तो कुछ कहेंगे कि गाने सुनकर उनको प्रेरणा मिलती है| इन वजहों पर पूरे दिन हम वाद विवाद कर सकते हैं और हमें ठीक से जवाब नहीं मिलेगा लेकिन अगर एक सरीले कारण से इस चर्चा को बंद कर सकते हैं तो वो होगा - लोग गाने सुनते हैं क्योंकि उनको अच्छा लगता है|

देखें तो हमारी ज़िन्दगी के हर क्षेत्र में संगीत का प्रभाव है| ज़रा सोचिये- अगर आपको कल "लगान" या फिर "कल हो न हो" बिना गानों के देखना पड़े, क्या आप इन फिल्मों से उतना ही मज़ा ले पाएंगे जितना संगीत के साथ लिया था| मैं आपके उत्तर का इंतज़ार ही नहीं करूंगा क्योंकि हम सभ को मालूम है कि यह नामुमकिन है| संगीत में वह शक्ति है जो बहुत कम चीज़ों मैं होती है| यह एक चीज़ है जिसे दुनिया का हर व्यक्ति निह्स्संकोच होकर सुनता है और सुनते ही भावुक हो जाता है| संगीत एक बन्दे के शरीर के हर अंग को नचा सकती है या फिर उसके दिल को हजारों टुकडों में तोड़ सकती है| प्रोत्साहन, हिम्मत, खुशी, नाराज़गी, उल्लास सभी भावनाएं, संगीत के कारण, तेज़ी से हमारे हर सोच को ग्रहण कर सकती हैं |

हमें उसका शुक्रगुजार होना चाहिए जिसने हमें ऐसे सुहावने चीज़ का मज़ा लेने का मौका दिया है और अगली कुछ सदियों के लिए इसकी खूबसूरती को और गहरे रूप से समझने की कोशिश करनी चाहिए|

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